LOADING

Type to search

Uncategorized लघुकथा

हिस्से

Priti Surana 1 year ago
Share

  • सुबह सुबह मिलिंद का मोबाइल बजा मिलिंद कॉल रिसीव करते ही खुशी से झूम उठा क्योंकि ‘विधि’ की चहकती सी आवाज़ जो सुनी “पापा, में राखी पर घर आ रही हूं।”
    कुछ पल में ही खुशियां कपूर की तरह काफूर हो गई क्योंकि मन में कई सवाल उठने लगे। जैसे विधि को राखी का नेग कौन देगा, भाइयों के झगड़े का विधि पर क्या असर होगा, हमें दुखी देखकर बेटी खुश कैसे होगी।
    खैर! जैसे तैसे राखी का दिन आ ही गया। दोनों भाई जो विधि से बहुत प्यार करते थे अपनी अपनी तैयारियां कर चुके थे विधि को खुश करने की। दोनों भाभियाँ दोपहर तक अपने अपने मायके से राखी बांधकर लौटने वाली थी।
    मिलिंद सुबह सुबह मिठाईयां और पेस्ट्री ले आए पर त्योहार का दिन था विधि की पसंद की पेस्ट्री सिर्फ 2 पीस ही मिल पाई। सुधा नाश्ता लगाकर ले आई और बेटी के पास बैठ गई। विधि ने भाइयों को आवाज़ दी ‘विपुल भैय्या, वैभव भैय्या आ जाइये आज साथ नाश्ता करेंगे।’
    सुधा ने कहा विधि आज पेस्ट्री इतनी ही है सब मिल बांट कर खा लो। विधि ने उठकर दोनों भाइयों को एक एक पेस्ट्री थमा दी। और बोली मेरा मन आप सबके प्यार से भर जाएगा। फिर भी मनुहार से दोनों ने एक एक हिस्सा उसे मनुहार से खिला ही दिया। सबके चेहरे खिल उठे।
    तभी विधि बोली ‘इस राखी में मैं आप सबके प्रेम में अपना हिस्सा लेने आई हूं।’ सभी स्तब्ध रह गए।
    विधि आगे बोली ‘मुझे बताइए कि अगली बार मैं आंगन के किस हिस्से में आऊंगी, और मेरा बचपन और यादें किस हिस्से में रखेंगे दीवार उठाने के बाद।’
    ‘घर के दो हिस्सों के बीच मम्मी-पापा का कमरा और ये ड्रॉइंग रूम आता है क्या दीवार से इन्हें भी दो हिस्सों में बांट देंगे? फिर आपकी इकलौती बहन किसके हिस्से में आएगी?
    ‘आज मुझे भी हिस्से में ये ड्राइंगरूम चाहिए जहां आकर मैं आपसब के बीच एक साथ बैठ सकूं और मम्मी पापा भी आप दोनों के बीच मेरे इसी हिस्से में रहेंगे आखिर दोनों बेटों पर उनका एक सा अधिकार है।’
    ‘उम्मीद है राखी का यह उपहार मुझे जरूर मिलेगा ये कहकर फफककर रो पड़ी।’ विपुल और वैभव ने शर्मिंदगी और प्रेम के मिलेजुले भाव लिए एक साथ विधि को गले लगा लिया।
    दूर खड़े सुधा और मिलिंद अपने हिस्सों को जुड़ते देख अपनी खुशी के आंसू भला कैसे रोक पाते?

    प्रीति सुराना

Previous Article
Next Article

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *