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जब तक चलते रहोगे

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जब तक चलते रहोगे

Priti Surana July 9, 2017
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जब तक चलते रहोगे

कोई लेगा चरणरज
कोई करेगा अनुकरण
कोई करेगा अनुमोदन
कोई चलेगा साथ
कोई थमेगा हाथ
कोई होगा खुश

कोई रोकेगा रास्ता
कोई बोएगा कांटे
कोई फेंकेगा पत्थर
कोई बांधेगा बंधन
कोई लादेगा बोझ
कोई होगा दुखी,..

एक बार ठान लो
न चलने की
रुक कर देखो
आगे न बढ़ने की एक ज़िद
और साथ जुड़े सारे समीकरण
धीरे धीरे खत्म,..

गतिशील रहोगे तो
जाने जाओगे
पूजे जाओगे
जाने जाओगे
कभी आलोचना कभी प्रशंसा के बहाने
रहोगे लोगों की स्मृतियों में जीवित

रुकने के बाद होगी
गुमनाम मौत
पहचान, पद और प्रतिष्ठा की
निर्णय खुद का
चलना है जलना है
या मरना है,..
निष्क्रिय होकर अकेले किसी मोड़ पर,…

प्रीति सुराना

जब तक चलते रहोगे

कोई लेगा चरणरज
कोई करेगा अनुकरण
कोई करेगा अनुमोदन
कोई चलेगा साथ
कोई थमेगा हाथ
कोई होगा खुश

कोई रोकेगा रास्ता
कोई बोएगा कांटे
कोई फेंकेगा पत्थर
कोई बांधेगा बंधन
कोई लादेगा बोझ
कोई होगा दुखी,..

एक बार ठान लो
न चलने की
रुक कर देखो
आगे न बढ़ने की एक ज़िद
और साथ जुड़े सारे समीकरण
धीरे धीरे खत्म,..

गतिशील रहोगे तो
जाने जाओगे
पहचाने जाओगे
पूजे जाओगे
कभी आलोचना कभी प्रशंसा के बहाने
रहोगे लोगों की स्मृतियों में जीवित

रुकने के बाद होगी
गुमनाम मौत
पहचान, पद और प्रतिष्ठा की
निर्णय खुद का
चलना है जलना है
या मरना है,..
निष्क्रिय होकर अकेले किसी मोड़ पर,…

प्रीति सुराना

 

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