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एक ही नेता महान

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एक ही नेता महान

Priti Surana July 29, 2017
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बात बात पर माईक पकड़ कर रोता कौन परिंदा,
मगरमच्छ हक्का-बक्का देख हुआ बहुत शर्मिंदा ।।

सेवक बता खुद को जा विदेशो मे मौज करते,
आए दिन कह मन की बात जनता को ठगते ।।

विदेश मंत्री कनफ्युज़न में करूं या ना करूं शंका ,
पैकिंग मैं करूं पहुंचते हैं ये अमेरिका या श्रीलंका ।।

आएगा कब आएगा काला धन वापस कब आएगा,
जो ये पूछेगा सीधे जेल की रोटी हवा में खाएगा।।

सवा सौ करोड़ जनता को भावुकता की चाय पिलाई,
अच्छे दिन आएगे कह कर आशा की वाट् लगाई ।।

रोती है ममता पिता का जवान बेटा शहिद हो होने दो,
हमें कड़ी निंदा कर दोनो हांथ मजबूरी के जोड़ने दो ।।

कड़क कुर्ता पहनने वाले के देखो हैं हुनर बड़े ,
मौनी बाबा मनमोहन भी देखो कैसे अब बोल पड़े ।।

विकास के नाम पर दिल लूटे वोट लिए बीच बाज़ार,
पंद्रह लाख रूपयों का तीन बरस से कर रहे इंतजा़र।।

सत्तर सालों में एक ही नेता तो हुआ महान ,
बूढ़े भारत को छप्पन इंच का सीना दे किया जवान ।।

Vassundhara Rai

1 Comments

  1. vasuundhara Rai July 31, 2017

    thank you so much preeti

    Reply

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