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हिन्दी माँ की वंदना

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हिन्दी माँ की वंदना

Priti Surana February 18, 2018
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(तर्ज:- इक्षुरस से किया पारणा )
सिंधु में जितना भी है जल ,
हिन्दी में उतना ज्ञान
जय जय हिन्दी माता महान
जय जय हिंदी माता महान
ऐसी है हिंदी की माया
शब्द शब्द में ब्रम्ह समाया
बीज मंत्र से लेकर देखो
सृष्टि का हर वर्ण बनाया
सुर से लेकर स्वर तक जिसने
पाया है वरदान
जय जय हिंदी माता महान
शुभ्रा के वीणा की धुन
चपला सी चंचलता के गुण
माता सती सी सहनशीलता
भारत माँ जैसी है करुण
हर एक बोली को अपनाया
जो है गुणों की खान
जय जय हिंदी माता महान
दवात,लेखनी, पत्र को धारे
अस्त्र शस्त्र हैं अक्षर सारे
रचती कितनी वेद ऋचाएं
संपदा जिसकी सभी विधाएं
प्रीति साधे जो सकल संस्कृति
साधन और संधान
जय जय हिन्दी माता महान।।
*डॉ.प्रीति सुराना*

1 Comments

  1. Rahul Jain February 21, 2018

    HindI mastak ki bindi jAi hind.

    Reply

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