शपथ

तपोभूमि के धरतीपुत्रों, तुम्हें तप अब करना होगा, वन-कंदरा, प्रकृति को छोड़, समाज से निर्वासित होना होगा. मानव जाति है खतरें में आज, विकट विषाणु कण-कण में है, अदृश्य-अज्ञात वह छुपा कहां, पहचानता नहीं उसे कोई जन है. संहारक तांडव मचा रहा जग, विज्ञान है बौना उसके समक्ष. डरा-सहमा ठहरा है हर प्राणी ऊहापोह में…

जय अम्बे माँ

हे जगत् जननी, हे अम्बे दयालु, अपनी ममता का आँचल, पसारे ही रखना।। वो माँग का टीका, और माथे की बिंदिया, मेरे माँग का सिंदूर, सजाये ही रखना।। अपनी ममता का आँचल, पसारे ही रखना। वो नाक की नथनी, और कान के झाले, मेरे गले का हरवा चमकाये ही रखना।। अपनी ममता—— वो बाजू बंद,…

‘तप अपेक्षित है’

शुद्ध चित्त से ये दृढ संकल्प अपेक्षित है तन से, मन से और विनय से तप अपेक्षित है सर्व कल्याण की इच्छा हो,अहं का त्याग करें हम सब निज स्वार्थ से परे कोई ढूंढें विकल्प अपेक्षित है बस ये संकल्प अपेक्षित है संतुलन है मांग समय की अब,पाया है जो लौटायें भी हो दान अधिक…

सच्ची राष्ट्र भक्ति

तप इच्छा निरोध करना किन्तु तप इच्छा दफन नही करना तप तब संयम बिन नही अतः तप अंतर डूब सदा करना तप त्याग बिना कैसे संभव तप राग सहित भी न होता तप वीतराग मय भाव तभी तप संतप्त तपस्वी के होता तप तन मन दोनो से होता तप तभी श्रेष्ठतम फलदायी तप कर्तव्य मार्ग…

तप का प्रतिफल

पहरेदार है अडिग हिमालय , गंगा जिसकी आत्मा है । क़ाबा से कैलाश तक यहां, कण कण में परमात्मा है ।। जिसकी संस्कृति महान है । ये मेरा हिंदोस्तान है ।। अहिंसा की तपोधरा है , भंडार रत्नों से भरा है । पावन भूमि ऋषियों की, दिन रात जिन्होंने तप करा है ।। —- भरत…

तप

समय आज का किसी तप से कम नहीं है रहना घर में तो क्या कोई गम नहीं है जब लड़ना हो युद्ध अपने/अपनों के और राष्ट्रहित में तो लक्ष्मण रेखा को अभी पार करना नहीं है सुरक्षित रहें और घर में रहें अकारण अभी घर से निकलना नहीं है सौभाग्य मिला है राष्ट्र हित में…

समय की माँग

नया साल अपनी दस्तक संग, सबको समझा रहा है आज, सारे घर पर कुछ दिन रह लो, तब होगा सब पर उपकार। माँ आ गई हैं घर के मंदिर, पूजा वंदन कर लो आज, माँ तो सबकी रक्षा करतीं, पावन मन से कर लो जाप। अपनों से अपनत्व निभाकर, सबका ख्याल करो सब आज, घर…