संकल्प

हमारा 21 दिनों का तप ही काम आएगा| जान है तो जहान है बस यही मन्त्र साथ निभाएगा| संकल्प ले जो हम सब घर में ही रहेंगे| कराेना रूपी दानव लक्ष्मण रेखा ना पार कर पायेगा| ना मचा पायेगा वो ,भारत भूमि में हाहाकार| साबुन से हाथ धोये ,सेनेटाइजर करे इस्तेमाल| ना करे आँख नाक…

गुरु बिन ज्ञान नहीं

गुरू बिन ज्ञान नहीं गुरू बिन ध्यान नहीं विद्या जप जोग तप गुरू ही सिखात हैं कृपा गुरु होत सब सद् के किवार खुले जग का जो सार मेरे गुरू ही बतात हैं जाको गुरू महिमा को ज्ञान भान होय गयो पर काज हार जाओ गुरू समझात हैं गुरू ही परम धाम गुरू ही तो…

ये जग केवल माया है

बड़े- बड़े ज्ञानी कहते हैं, ये जग केवल माया है, लेकिन ये जग संतों को ही सबसे ज्यादा भाया है। मोह- माया का त्याग करो,देते हैं ये उपदेश सदा, किन्तु मोह -माया के बंधन, उनको बाँधे रहे सदा। एक स्त्री से सीखो जो अपनों की खातिर जीती है, आँक सका न मोल कोई, वो कितनी…

शून्य का नाद

हवाओं से संवाद कर लेता हूँ शून्य का नाद सुन लेता हूँ शब्द शब्द जोड़ उसके सौंदर्य की सीढ़ी बना उतर जाता हूँ अपनी हर नज़्म में अपने हर गीत में जिसके काव्य रस पर अल्फ़ाज़ आ जाते हैं तैरते जिसकी माला पिरोना खूब आता है मुझे ध्यान में उतर पूरे प्राणों से भावों के…

जग नियंता हैं श्री हरि

तप के ही बल पर, जग नियंता हैं श्री हरि, तप के ही बल पर, शिव शम्भू अविनाशी हैं, तप के ही तेज से बने थे हम विश्वगुरू, तेज पुंज वाले, हम देश के निवासी हैं, तप से प्रसन्न होकर, देते थे देव वर, किन्तु तप से हमारे सुर, दुष्ट घबराते हैं, तप से ही…

दिखावे की ओर

बढ़ रहा था दिखावे की ओर शान ओ शौकत का मचा था शोर किसी का भी न चलता था ज़ोर आज घरों में वो बन्द हो गया प्रकृति का किया है शोषण कष्ट दिया नदियों को हरदम हर जानवर का किया है भक्षण आज मुख्य भोजन घरों में कन्द हो गया। पबों , नाइट क्लबों…

नववर्ष

नववर्ष आया भाई सबको देते बधाई बज रही चारों ओर खुशी की शहनाई हिन्दूओ का नववर्ष मनाये हम सहर्ष दीप जलाये द्वार पे रंगोली भी बनाई खुशियाँ मनाये हम तिलक लगाये हम सनातन संस्कृति की शुभ घड़ी है आई गुडीपडवा त्यौहार मानता है परिवार बम्हा ने सृष्टि रचके ये दुनिया बसाई शैल पुत्री अवतारी प्रति…

चिन्तन

चाहे अल्पावधि के लिए ही सही, स्वनिवास, अन्तर्मन में, पारदर्शी, नि:संदेह, सदैव ही था, अनायास, केंद्रित करने पर, अनुपम, अनुभूति, आनन्ददायी, निर्गुण, निर्मल। यूँ ही नहीं, कह गए, ॠषि मुनि, *तपस्या* की, महत्ता। विवेकपूर्ण व्यवहार, दानशीलता, विनयशीलता, संयम और स्वांकुश, अल्पाहार, मौनव्रत, स्वावलम्बन, उपासना, सरल हैं, किन्तु कठिन हैं, क्योंकि, यही तप है, योग है।…

यही तो तपस्या है

आज देश, दुनिया के लोगो पर संकट। ऐसी विपदा में चौबीसों घंटे, चौकस ,गली , सड़कों ,हर नुक्कड पर, तैनात वो कर रहे है ड्यूटी । भूल कर अपना सुख चैन , नींद ,भूख और प्यास । पूरी सतर्कता ,ईमानदारी से। निभा रहे भारत माँ के वीर अपना फर्ज। अस्पतालों में डाक्टर और नर्स ।अपनी…

मां तेरे आने से झूम रहा है संसार

जय आदि शक्ति जगदंबे मां जय जय संकट हरणी मां नौका पर होकर सवार आई मां खुशियों की उम्मीद ले आई हो मां “गर्भ दीप”जलाकर मां हाथ जोड़ विनती करती हूं, गरबा का रास रचाऊंगी , सखियों के संग मिलकर उम्मीदों का है दीप जलाया हे संकट हरणी आदि शक्ति मां आज मानव पर घोर…

दर्द प्रकृति का

प्रकृति हम इंसानों से बेहद नाराज हो गई है, देखो, इसलिए वो अपना असर दिखा रही है, आज बादल भी खूब जोर-जोर से गरज रहे है, देखो, आसमान में कैसी बिजली चमक रही है, कोरोना बनकर पृथ्वी पर आई भीषण महामारी जो है, हम सबके अंदर बहुत ही दहशत फैला रही है, प्रकृति परिवार के…

कोरोना से कैसे फिर लड़ पाओगे

एक एक से दूरी नहीं बनाओगे। कोरोना से कैसे फिर लड़ पाओगे। इसे तपस्या  मान जरा। गंभीरता  पहचान जरा। अपने संग में औरों की, अभीबचाओ जान जरा। लापरवाही यूँ ही यहाँ दिखाओगे। कोरोना से फिर  कैसे लड़ पाओगे। सरकारों का कहना है। दूर सभी से    रहना है। कष्ट उठा ले अभी जरा, फिर ये दुख…