श्रमिक है देश की आन-बान शान है |
श्रमिक है तो देश में अन्न है ||
श्रमिक है तो कारखाने जीवित है |
श्रमिक है तो रोटी, कपड़ा और मकान है ||
श्रमिक है तो देश में व्यापार है |
श्रमिक है तो यातायात साधन सुचारू रूप से संचालित हैं ||
श्रमिक है तो राष्ट निर्माण हैं |
श्रमिक है तो आर्थिक विकास हैं ||
श्रम सफलता की कुंजी है,श्रम आत्मविश्वास है |
श्रम जीवन की सुख- सुविधाओं का एक मात्र श्रोत है ||
श्रम से ही पूंजी का निर्माण और संचय किया जाता है |
श्रम उत्पादन प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण है ||
श्रमिक के माथे पर पशीने की बूंदें, मोतीयों को पिरोती है |
सभी के जीवन को हीरों जैसे चमकाती हैं ||
ऐसे श्रमिकों को शत् शत् नमन है |
जिनके श्रम से हम लहराते हैं ||
-शिवशंकर दुबे गंगेले
वारासिवनी (म.प्र.)
