बेटी को अपनी यारों रानी बना दो तुम
तूफान से टकराए मर्दानी बना दो तुम
नारी है रूप शक्ति का अबला नहीं है वो
जीतेगी हर जंग को तूफानी बना दो तुम
बेटी को अपनी यारों…..
हाथ में कटार हो और तलवार थाम ले
शौर्य की कुछ ऐसी कहानी बना दो तुम
बेटी को अपनी यारों………..
मुल्क की हमारे हिफाजत वो अब करे
पढ़ा लिखा कर उसको सयानी बना दो तुम
बेटी को अपनी यारों………
गौरव उसकी गाथा का बखान सब करें
हर किसी को उसकी जुबानी बना दो तुम
बेटी को अपनी यारों……….
-किशोर छिपेश्वर “सागर”
बालाघाट
