जा तुझको हमने छोड़ दिया…..
तुझसे बस उम्मीदें छोड़ी
ना समझे वो जो मोड़ दिया
जा तुझको हमने छोड़ दिया…….
अन्तर्मन के गहरे तल में
छिलते-जलते लाखों पल में
अनगिनत मन के छालों में
रिसते नयन अंगारों में
उन यादों से जुड़ना छोड़ दिया
जा तुझको हमने छोड़ दिया…..
इक हूंक हृदय में आ चमकी
वो सजल नयन में जा ढलकी
कातर वाणी लहरा निकली
कानों तक तेरे ना पहुंचीं
अब क्रन्दन मैंने छोड़ दिया
जा तुझको हमने छोड़ दिया……
-मीनाक्षी शांकरी
