दिल के सरताज बनोगे क्या!
मेरे हमराज़ बनोगे क्या!
मेरे चेहरे पर छाई हर ,
रौनक का ताज बनोगे क्या!
बीते कल की बात न जानूँ
मेरा तुम आज बनोगे क्या !
दिल मेरा अब उड़ना चाहे,
बोलो परवाज़ बनोगे क्या !
गीत अगर जब कोई गाऊँ,
ऐसे में साज बनोगे क्या !!
-मोहिनी गुप्ता
