हवा में लहर-लहर लहराए माँ
तोरी लाल चुनरिया रेशम की
तोरी लाल चुनरिया रेशम की
गोटा लगाने आई माँ
मैं गोटा लगाने आई
ओ माँ, ओ माँ!
माँ, इधर-उधर लहराए
ध्वजा तेरे मंदिर की
माँ
ध्वजा तेरे मंदिर की
मैं ध्वजा चढ़ाने आई
ओ माँ, ओ माँ!
माँ, देख तेरी सवारी
जिया मोरा घबराए, माँ जिया मोरा घबराए
तेरी खनकती चूड़ी, धीरज देवे
धीरज देवे माँ
मैं चूड़ी चढ़ाने आई
ओ माँ, ओ माँ!
माँ
तोरे मंदिर की ऊँची-ऊँची सीढ़ी
मैं चढ़ती जाऊँ, चढ़ती जाऊँ
भोग लगाने हलवा-पूरी लाई
मैं हलवा-पूरी लाई
ओ माँ, ओ माँ!
ढोलक बाजे, मंजीरा बाजे
गूँज रहा जयकारा माँ
सबकी झोली भरती जाए
मैं झोली फैलाए आई
माँ
झोली फैलाए आई
जय हो अंबे माँ, जय हो अंबे माँ
जय हो मेरी माँ!
हवा में उड़ती जाए
तोरी लाल चुनरिया रेशम की
हो माँ, हो माँ!
-पुष्पा अरविंद शर्मा
नागपुर
