बहुत मशहूर था किस्सा हमारा
बहुत ही प्यार था गहरा हमारा
बिछड़कर वो भी रोये हम भी रोये
तभी से तल्ख़ है लहज़ा हमारा
जहां जाना है पहुंचेंगे वहां पर
ज़माने,लाख कर पहरा हमारा
किनारे जिसके मिलते थे कभी हम
गया है सूख वो! दरिया हमारा
न जानें याद क्यों आने लगा है
कभी जो प्यार था पहला हमारा
-दिव्या सिंह सिसोदिया
