समय का अभाव या प्राथमिकताओं का संकट

अपवादों को छोड़ दिया जाए, तो किसी भी कार्य के लिए मनुष्य के पास समय का वास्तविक अभाव नहीं होता, बल्कि उसकी प्राथमिकताओं का संकट अधिक होता है।

इसके कुछ प्रमुख कारण हैं—

  1. आज के कार्य को कल पर टाल देना।
  2. आवश्यकता के अनुसार किसी कार्य को प्राथमिकता देना या उसे छोड़ देना।
  3. दूसरों की उपलब्धियों पर टीका-टिप्पणी करने में समय व्यतीत करना।
  4. स्वयं के विकास और उन्नति के लिए प्रयास करने के बजाय कल्पनाओं में जीते रहना।
  5. किसी भी कार्य का प्रयास करने से पहले स्वयं को बीमार या असमर्थ मान लेना आदि।

सामान्य-सी बात है कि सफलता की सीढ़ियाँ वही व्यक्ति चढ़ पाता है, जो अपने पैरों और अपने प्रयासों पर भरोसा करके आगे बढ़ता है। चाहे नौकरी हो, व्यापार हो या खेती-बाड़ी, इनमें से कोई भी क्षेत्र समय का बहाना स्वीकार नहीं करता। ये सभी केवल सही प्राथमिकताओं के साथ निरंतर मेहनत की अपेक्षा करते हैं। सफल जीवन के लिए यही सबसे आवश्यक है।

-अजय पाण्डेय ‘बेबस’

एक उत्तर छोड़ें

अन्तरा शब्दशक्ति – हिन्दी साहित्य, प्रकाशन और रचनाकारों के सशक्तिकरण का राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच।
संपर्क करें
antrashabdshakti @gmail.com
Call- 9009423393
WhatsApp-9009465259
antrashabtshakti.com

Copyright © 2026 Antra Shabd Shakti. All Rights Reserved. Powered by WebCoodee

0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x