हालात का असर

हालात ने हमें सिखाया बहुत ।
हर ग़म ने कुछ दिखाया बहुत ।

जो हँसे कभी हमारी चोट पर,
वक़्त ने उन्हें भी रुलाया बहुत ।

सफ़र लंबा था पर चलते रहे,
हर मोड़ ने साथ निभाया बहुत ।

अब सन्नाटों से भी रिश्ता है,
ज़िंदगी ने हमें आज़माया बहुत ।

‘मनीष’ को तुम बस इतना जानो,
हर एक दर्द ने हमें बनाया बहुत ।

-मनीष कुमार पाटीदार
ईटावदी (महेश्वर)

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