खत्म हुई गरमी की छुट्टी,
खुल गए फिर स्कूल।
नई किताबें नया है बस्ता,
सब रख लें जाऐं न कुछ भूल।
हाथ पकड़कर इक दूजे का,
चल पड़े सब बातों में मशगूल।
नई क्लास का पहला दिन ये,
उत्साह उमंग से भरा हुआ।
नए- नए शिक्षकों से मिलने की,
उत्सुकता से भरा हुआ।
आज मिलेंगे संगी साथी सब,
मचेगी मस्ती और धमाल।
खेल -कूद और पढ़ाई में,
करना है हमको खूब कमाल।
होगी जब खाने की छुट्टी,
खायेंगे सब मिल जुल के।
तरह- तरह के पकवानों के,
लेंगे मिलकर खूब मजे।
दौड़ धूप पढ़ाई करके,
जब हम थक जायेंगे।
इंतजार करेंगे कब बजेगी घंटी,
कब फिर हम घर जायेंगे।
-स्मृति गुप्ता
जबलपुर
