छुट्टियाँ हुईं समाप्त,
स्कूल चले हम।
छोटी बहना भी अब होगी संग,
रखेगी शिक्षा का पहला कदम।
थाम कर उसका नन्हा हाथ,
दिखाऊँगा उसे ज्ञान का जग।
अ से अनार, A for Apple,
1-2-3 से होगा उसका मिलन।
स्कूल चले हम।
सपनों को सच करने को,
मेहनत पूरी करेंगे हम।
कोई बनेगा कलाम महान,
कोई बनेगा सुमित्रानंदन पंत,
कोई होगा वीर जवान,
कोई बढ़ाएगा देश की शान।
सुनहरा अपना कल लिखने,
स्कूल चले हम।
-सोनम लड़ीवाला
जयपुर (राजस्थान)
