उत्तरदायित्व

गर्मियों की छुट्टियां चल रही थी। नकुल के बालहठ के आगे हार दादा को गाँव से शहर उसके साथ रहने आना ही पड़ा। नकुल बड़ा खुश था। रोज सुबह दादाजी के साथ सैर पर जाता। फिर दोनों साथ में प्राणायाम करते, नहाकर मंदिर जाते, साथ बैठकर नाश्ता भी करते, फिर नकुल अपनी कहानी सुनाने की फरमाइश पूरी करवाता।
शाम को दोनों सोसायटी के पार्क में जाते। नकुल के माता-पिता खुश थे, अनुशासन में रहते हुए, नकुल थोड़ा आत्मनिर्भर होना भी सीख रहा था। पांच साल का नकुल, अपने कपड़े खुद धोने को डालता था, खुद के लिए पानी खुद लाता था। खुद के झूठे बर्तन भी खुद रख कर आता था। माँ के लिए यह भी बहुत था।
एक दोपहर तेज आंधी चलकर झमाझम बारिश हुई, इससे शाम को मौसम काफी खुशनुमा हो गया था। दादाजी के साथ कूदता हुआ नकुल पार्क पहुंचा। वहां उन्होंने देखा एक पेड़ का बड़ा टहना पार्क के बीचों-बीच गिरा था। लोग इधर-उधर से होकर जा रहे थे। तब दादाजी ने कुछ साथियों की मदद से उस टहने को रास्ते से हटाकर एक किनारे किया। छोटे से नकुल के लिए वो टहना बहुत बड़ा था, सो वो दादाजी से बार-बार एक ही बात बोल रहा था, “दादाजी आप रहने दो, आपको लग जाएगी, हम गार्ड अंकल को बोल देंगे, वो हटा देंगे।
“दादाजी ने अपने हाथ साफ करके बड़े प्रेम से नकुल को गोद में बिठाकर समझाया, “नकुल, आपने बिल्कुल सही कहा बेटा, गार्ड अंकल इसे हटा देंगे, पर जब तक अंकल आयेंगे, तब तक अगर किसी को चोट लग गई तो? देखो बेटा, जब तुम घर पर सामान फैला देते हो, तब मम्मी भी तो उसे सही जगह पर रखती है न, ताकि तुम्हे चोट न लगे, या वो रानी आंटी (हाउसहेल्प) का इंतजार करती है।”
“मम्मी रखती है, नकुल ने तुरंत जवाब दिया।”
“बिल्कुल सही, और यह काम, कभी कभी तुम्हारे पापा भी कर देते है, ऐसा तो नहीं है न कि वो रानी आंटी का इंतजार करते है।ठीक उसी तरह जब हम इस पार्क में घूमने आते है, तो यहां की साफ-सफाई और सुरक्षा हमारा भी उत्तरदायित्व है।”
नकुल को उत्तरदायित्व का अर्थ तो समझ में नहीं आया, परन्तु वह यह समझ गया था कि बिखरी हुई चीजों को अपने सही जगह पर रखना किसी एक का काम नहीं सबका साझा काम होता है। नकुल के माता-पिता बहुत खुश थे, दादाजी के आने से कुछ ही दिनों में छोटा-सा नकुल, ज्यादा जिम्मेदार और समझदार हो गया था।

-सोनम लड़ीवाला

एक उत्तर छोड़ें

अन्तरा शब्दशक्ति – हिन्दी साहित्य, प्रकाशन और रचनाकारों के सशक्तिकरण का राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच।
संपर्क करें
antrashabdshakti @gmail.com
Call- 9009423393
WhatsApp-9009465259
antrashabtshakti.com

Copyright © 2026 Antra Shabd Shakti. All Rights Reserved. Powered by WebCoodee

0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x