मंजिल अपनी पाने को,
आओ चलो स्कूल चलें,
सबके सपने पूरे करने,
आओ चलो स्कूल चलें।।
गणित, हिंदी और संस्कृत,
अंग्रेजी पढ़ने चलें
कंधे पर बस्ता टांग कर,
आओ चलो स्कूल चलें।।
संस्कार की बाँध पोटली,
नीति शिक्षा भी पढ़ें,
मित्रों के संग हंसते गाते,
आओ चलो स्कूल चलें।।
-साधना छिरोल्या
दमोह
