जवाब हाँ में न सही ना में तो दे दिया कर
होठों को अपने यूं तू, सी तो न लिया कर l
मिलना नहीं तो न सही, बात तो किया कर
मोबाइल पर ही सही, हाल पूछ लिया कर।
जो हुआ सो हुआ, ले न अब दिल पर उसे
भूल जा अतीत को, वर्तमान में जिया कर l
क्रोध से नहीं बात बनती, बिगड़ती जरूर है
क्रोध गर आने लगे, तुरंत इसे दबा दिया कर।
नाराज़गी गर कोई है भी, तो मुझही से तो है
सारे परिवार को तो लपटे में न ले लिया कर l
तेरे प्यार के अलावा कुछ और की चाहत नहीं
मेरे जज्बातों की भी, कुछ तो कद्र किया कर l
तुझे याद हो न हो, मैं वे पल भुला सकता नहीं
कभी कभी उन पलों से तू भी रूबरू हुआ कर l
नज़र आ जाए गर रिश्ते की तुरपाई उधड़ती हुई
अनदेखा न कर, वक़्त रहते उसे सी लिया कर l
तेरी याद में ही ‘शर्मा देगा गुजार ये सारी जिंदगी
तेरा दिल जैसा भी चाहे बसर जिंदगी किया कर ll
-रामकिशन शर्मा
