जिंदगी को मिटा देना अच्छा नहीं,
अपने आप को सजा देना अच्छा नहीं।
कई लोग आयेंगे, कई चले जाएंगे,
किसी की यादों में रो देना अच्छा नहीं,
कमियां तुझमें नहीं परिस्थिति में है,
किस्मत को दोष देना अच्छा नहीं,
खामियां तो सब में हैं गलतियां तो सब करते हैं,
किसी और की गलती अपने सिर ले लेना अच्छा नहीं,
दुखों को बयां करो लोगों से,
दिल में दर्द छुपा लेना अच्छा नहीं,
यही कहेगा तुमसे “प्रणव राज”,
जिंदगी किसी और के लिए गंवा देना अच्छा नहीं।
-प्रणव राज,
कैमूर (बिहार)
