दादाजी आवाज लगाते
रामू आओ ,बाहर बुलाते
तुमको पसंद माली काका
आज तुम्हें सिखायेंगे काका
पौधों को कैसे ज़मीं पे लगाना
पौधों को कब कैसे पानी देना
हर हफ़्ते अब उनको आना है
उनसे तुमको सब सीखजाना है
धीरे धीरे पौधों पर कली
खिलेगी
फिर वो फूल बन खिलेंगे
अपनी बगिया महकेगी
तितली आयेगी फूलों पर
मँडरायेगी
तुम दौड़ोगे पकड़ोगे वो उड जायेगी
सच बड़ा मजा आयेगा
आ जाओ मेरा राजा बेटा
-पुष्पा अरविंद शर्मा
