धीरे-धीरे

नभ में वो निकला सूरज
लेकिन धीरे-धीरे,

उड़ने लगा अंधेरा जग से
लेकिन धीरे-धीरे,

बहने लगी हवा अति सुन्दर
लेकिन धीरे-धीरे,

हर तरफ फैली खुशहाली
लेकिन धीरे-धीरे।

-राकेश नमित

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