जिन्दगी में गमों का साया
पीछा करता फिरता है
गमों से लड़कर जीना
जी कर आगे बढ़ना
साहस का एहसास है
कभी धूप के अंबर
कभी छांव के बादल
चिडिया का घोसला
कई बार टूटता
चोच से फिर बनाती
पक्षी रखते होसला
बेफिक्र होकर जीना
बिंदास जीने का तरीका||
-ऊषा नौगरहिया
कटनी
