क्यों ये सोचे तू तेरी किस्मत में क्या होगा ,
मेहनत कर बंदे निश्चित ही तू सफल होगा ,
ऐ मुसाफिर भगवान के घर देर है अंधेर नहीं ,
तेरे अच्छे कर्म से तेरा भविष्य उज्जवल होगा।
सच्चाई की राह पर हर पल चलता चल तू ,
फूल मिले या कांटे इसकी परवाह मत कर तू ,
दोस्त , दुश्मन भी मिलेंगे तुझे तेरी राह में ,
अपनी मंजिल की खातिर कभी ना हिम्मत हारना तू।
सीप में पलते है मोती जाने किसकी किस्मत में होगा,
ये सब सोचने से नहीं कड़े संघर्ष का नतीजा होगा ,
देखना तेरी मेहनत से ये सारे मोती तेरे ही होंगे ,
कामयाबी का ताज फिर तेरे ही सर पर होगा ।
-रमा ” प्रेम – शांति “
