अपने दर्द, खुशी के मन भावों से लिखी जाती है कविता,
स्याही से नहीं एहसासों से लिखी जाती है कविता,
साथियों, कविता लिखना यूँ ही आसान नहीं होता,
एहसासों को शब्दों में पिरोकर लिखी जाती है कविता।
आसान नहीं होता है मन भावों को चंद लाइन में लिखना कविता,
आसान नहीं होता है चंद लाइन को पढ़कर समझना कविता।
कवि की कल्पना, कवि की हकीकत के भावों से होती है कविता,
आसान नहीं होता है लिखें भाव को शत प्रतिशत समझना कविता।
जरूरी नहीं कि पढ़ा लिखा ही अच्छे से लिखता है कविता,
जरूरी नहीं कि टूटा दिल ही लिखवाता है कविता,
अन्तर्मन, भावों, शब्दों के मिलन का ये खेल है “रमा”
जरूरी नहीं कि ये सब हर मन से लिखवाता कविता।
-रमा “प्रेम – शांति”
प्रकृति-प्रेमी
