अकेले भला क्यूॅं गुज़ारा करेंगे
तुम्हें मुश्किलों में पुकारा करेंगे
अगर कोई अनबन जो तुम से हुई भी
मोहब्बत तुम्हीं से दुबारा करेंगे
तुम्हारे बिना गर मिली ज़िन्दगी तो
ख़ुशी से ही मरना गवारा करेंगे
ॲंधेरा कभी दरमियां आ गया तो
तेरी रौशनी से सँवारा करेंगे
जो ‘श्वेता’ हुए हमसफ़र तुम हमारे
तो दुनिया से सारी किनारा करेंगे
-श्वेता शुक्ला
