शब्द युग्म -“इधर-उधर”
इधर उधर की बातें छोड़ो
आओ काम की बात करें
तम्बाकू और धूम्रपान हैं घातक
जम कर खूब प्रचार करें ।
कच्ची पक्की शराब हो या
गांजा कोकिंन मादक द्रव्य
कितने जान लेवा होते हैं
बता सबको जागरूक करें ।
बढ़ते खर्चे कम लगती कमाई
करते लूट पाट बन आताताई
खो कर मानसिक संतुलन
लूटते असमत करते बेशरमाई ।
थोड़े से आनंद की खातिर
बाजी जान की लगा देते
माता पिता पत्नी बच्चो की
वो चिंता फिकर नहीं करते ।
समय फिसल जाता है हाथ से
हो जाता सबकुछ बर्बाद
तिनकों सा बिखर जाता है
हंसता बसता था जो परिवार ।
बने जागरूक औरों को जगायें
नव चेतना का हम करें संचार
विश्व तम्बाकू दिवस पर संकल्प करें
नशा मुक्त जीवन का करेंगे आगाज ।
-स्मृति गुप्ता
जबलपुर
