ये कैसी विडंबना है ये कैसा विधि का विधान इतनी अच्छी पत्नी के होते हुए भी विपिन कैसे दूसरी लड़की को पसंद कर सकता है क्या उसे अपनी छोटी सी बेटी जिया का जरा भी ख़याल नहीं?
इसी उलझन में उलझी वो सोचती रही आख़िर क्या कमी है सुलक्षणा में इतनी बड़ी गायनेकोलॉजिस्ट है आज पूरे शहर में उसका नाम है क्यों तलाक देना चाहता आख़िर विपिन क्यों?
ऐसा क्या है उस रागिनी में जो सुलक्षणा में नहीं? इसी सोच में डूबी चेतना बाहर से आई हुई मम्मी जी, मम्मी जी की आवाज से चौंक जाती है और अपने गालों में डुलके हुए आँसुओं को धीरे से पोंछते हुए बोलती है, हम्म क्या हुआ बेटा कोई काम था?
अरे मम्मी जी आप रो रहीं थीं क्या हुआ?
मैंने कितनी बार कहा है माँ आप मेरे लिए परेशान मत हुआ करो मेरी किस्मत में जो लिखा है वो होकर रहेगा। क्या फायदा ऐसे बोझ से रिश्ते को ढोने का जहाँ प्रेम ही न हो।
वो मेरे साथ रहकर भी मेरे साथ नहीं होते उन्हें अपनी बेटी की भी कोई फ़िक्र नहीं तो इतना क्यों सोचना! मैंने बहुत प्रयास कर लिए इस रिश्ते को बचाने के पर अब नहीं, अब मुझसे और बर्दाश्त नहीं होता।
अब जिया भी बड़ी हो रही है वक़्त रहते हमें अलग हो जाना चाहिए इसी में हम सभी की भलाई है। रोज़ रोज़ के तमाशे से जिया पर भी गलत प्रभाव पड़ता है।
अच्छा चलिए चाय के लिए पापा जी आपका इंतजार कर रहे हैं।
चेतना ने एक गहरी साँस ली अपने आँसू पोछे और चेहरे पर मुस्कान लिए वो बाहर आई उसने अपने पति रमेश से कहा, मैंने एक फ़ैसला लिया है और मैं चाहती हूँ कि मेरे इस फ़ैसले में आप सभी मेरा साथ दें।
ऐसा क्या फ़ैसला लिया है माँ कहते हुए छोटी बहू रेणु ने उसे बीच में ही बात काटते हुए कहा।
मेरा फ़ैसला ये है कि अब सुलक्षणा और विपिन दोनों अलग रहेंगे!
ये क्या कह रही हो चेतना तुम्हारा दिमाग़ ख़राब हो गया है? इतनी छोटी बच्ची को लेकर बहू कहाँ जाएगी?
अभी मेरी बात पूरी नहीं हुई है विपिन के पापा, वो यहीं रहेगी हमारे साथ अपने परिवार के बीच! जाना तो विपिन को पड़ेगा इस घर से क्योंकि मेरी बेटी है सुलक्षणा और मैं अपनी बेटी के साथ कोई अन्याय नहीं करूँगी।
सभी की आँखों में एक सुखद आश्चर्य था। सभी उसके इस फैसले से खुश थे, क्योंकि वाक़ई में सुलक्षणा थी ही इतनी अच्छी कि छोटे बड़े सभी उसे बहुत चाहते थे।
बहू की बातों को समझकर ही चेतना अपनी उलझन सुलझा पाई थी उसने जान लिया था की अब बहू बेटे दोनों एक साथ नहीं रह सकते!
-अदिति रूसिया
वारासिवनी
