आज सोचा फुरसत में कुछ लिखा जाए
पर प्रश्न था क्या लिखूं !
राधा कृष्ण की प्रीत लिखूं
या बासुरी का मधुर संगीत लिखूं !
अंतर में बसा मन मीत लिखूं
या दुनिया में प्रेम की रीत लिखूं !
भाई बहन का प्यार लिखूं
या सावन की रिमझिम फुहार लिखूं !
देश प्रेम की आन लिखूं
या हिंदू मुस्लिम की तान लिखूं !
प्रकृति का हरियाला सिंगार लिखूं
या नारी की लुटती लाज लिखूं !
अपनी संस्कृति को प्रणिपात लिखूं
या रिश्तों में मरते जज्बात लिखूं !
सोने की चिड़िया की बात लिखूं
या समय के बदले हालात लिखूं !!
-अनुपमा शर्मा
रुड़की
