“गौरैया की प्यास”
मेजबानी करूंगी, चिड़िया रानी मैं तुम्हारी
चाहिए थोड़ा प्यार,कुछ दाने,दोना भर पानी
मौन होगा आकाश,उपेक्षित किया गर चटक को
सहेजें रखूंगी गौरैया रानी , करूँ तुम्हारी निगरानी।
छुटपन में आंख, तेरी चीं-चीं से खुलती थी
जब मां कहती चिरैया आई, फूदक मैं भी चलती थी।
मेरा बचपन लौटा दो, रुत आई है सुहानी
सहेज कर रखेंगे तुमको कर तुम्हारी निगरानी।
-लीना शर्मा
