जिंदगी का क्या भरोसा
सोच सोच जिंदगी को मत सताइए
भरोसा खुद पर रखिए
जिंदा हो तो जिंदादिली दिखाइये
ओर जब जाना हो
बिन बताए बिन सताए
चुपचाप निकल जाइए
बस खुद पर भरोसा रखिए
आप जिंदा हो जिंदा रहते हुए
किसी के तो काम आइये
जिंदगी का क्या भरोसा
कह कह कर
जिंदगी को मत सताइए
-“मंगल” जितेंद्र
