“वेलेंटाइन डे” का मतलब,
बोले तो,प्यार लुटाने का दिन,
कागज के पन्नों से,
फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम तक।
लाल गुलाब से सजे,
फूलों के महक भरे गुलदस्ते तक।
बिखरा हुआ है प्यार।
हफ़्ते भर पहले से ही,
चल पड़ा है ये कारोबार।
पांच सितारा होटल बुक हैं,
अर्द्धनग्न युवतियों से भरे सागर तट हैं।
देह की पूजा चल रही,
वासना के रूप में प्रेम की हलचल मची।
जेब में जिसके जितना ज़ोर है,
प्रेम उसका उतना ही प्योर है।
फ़रवरी में होती डेटिंग,
दिसंबर तक साथ होता कोई और है।
प्यार का ये अंदाज़ नया,
नए जेनरेशन का नया दौर है।
-नीलम पांडेय
कैमूर
