प्रेम का इजहार करने के लिए शब्दों की जरूरत नहीं होती
भावनाएं शब्दों की मोहताज नहीं होतीं।
दिल में बसे प्रेम को पहचान जाए जो,
नयनों के भाव देख कर ही जान जाए जो।
अधरों की मुस्कान बयां सब कर देती है
हमको तुमसे प्यार है चुप्पियाँ कह देती हैं।
बिन कहे भावनाएं दिल तक पहुँच ही जातीं,
इक दूसरे से प्यार का इजहार कर जातीं।
भावनाओं की कभी आवाज नहीें होती।
भावनाएं शब्दों की मोहताज नहीं होतीं।
जहाँ सच्चा प्यार है,वहाँ शब्द होठों तक आकर मौन हो जाते हैं।
गले मिलकर, बिन कहे प्यार का इजहार कर जाते हैं।
-राधा गोयल,
विकासपुरी (दिल्ली)
