चैत्र पूर्णिमा पावन दिवस,
जगत को खुशियां देता है।
श्री हनुमान का जन्मोत्सव,
आशीष सभी को मिलता है।
बैशाखी झंकार बीच
जब बैशाखी पूर्णिमा होती है।
बुद्ध पूर्णिमा की सब पर,
कृपा खूब फिर होती है।
ज्येष्ठ पूर्णिमा का अवसर,
दक्षिणी वट व्रत को लाता है।
पूजन अर्चन व्रत जहां में होता!
आशीष सभी को मिलता है।
है संसार में गुरु ही बड़ा!
आषाढ़ की पूर्णिमा बतलाती है।
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर,
गुरु की महिमा दिखती है।
भाई-बहन का प्यार बढ़ाने,
सावन पूर्णिमा आती है।
रक्षा बंधन त्यौहार जो होता!
घर-घर खुशियां होती हैं।
सोलह कलाओं से चांद जो सजता,
अनुपम रात वो होती है।
शरद पूर्णिमा के चांद से,
जब अमृत वर्षा होती है।
कार्तिक पूर्णिमा अति पावन ,
देवों की कृपा संग लाती है।
देव दिवाली होती धरा पर,
चंहुओर खुशियां बढ़ती है।
फागुन पूर्णिमा संग में अपने ,
अबीर गुलाल को लाती है।
क्या बूढ़े क्या बच्चे सभी को,
खुशियों के रंग में रंगती है।
-सीता गुप्ता
दुर्ग (छत्तीसगढ़)
