बचपन की ये यारी
देखेगी दुनिया सारी
जवां भी हो जाएंगे
बनेगी मिसाल हमारी
ये प्रथम कदम का साथ
ले चले हाथ में हाथ
एक दूजे को थाम करेंगे
दिल से दिल की बात
आओ आज एक हम प्रण लें
कैसा भी आए कठिन समय
ये दोस्ती खत्म कभी ना होगी
जिसकी आज हुई शुरुआत।
-किरण मोर
कटनी (म.प्र.)
