ज़िंदगी का सफ़र यूँ ही कट जाएगा,
न कुछ साथ आया है न कुछ साथ जाएगा,
कर्म ग़र अच्छे किए थोड़े यादों में रह जाएँगे,
मर कर भी अपने यारों के दिलों में बस जाएँगे!
यूँ ही कट जाएगा सफ़र बस यादें रह जाएँगी,
कुछ कहानी अधूरी कुछ पूरी हो जाएँगी,
छोड़ जाएँगी एक अमिट छाप अपनों के दिलों में,
कहानियों में भी बस हमारी बातें रह जाएँगी!
वक्त के साथ कुछ लोग भूल जाएँगे हमें,
कुछ याद रखेंगे हमें अपनी यादों में,
किसी को हमारे साथ बिताया अच्छा वक्त याद होगा,
किसी को हमारा ख़ुशनुमा मिजाज़ याद होगा!
वक्त तो बीत जाएगा खट्टी मीठी बातों को याद कर,
कोई हमारी याद में आँसू बहाएगा,
कोई प्रेम के क़सीदे हमारे लिख लिए जाएगा,
बिता वक्त न लौट आएगा यादें रह जाएँगी तन साथ छोड़ जाएगा!
-अदिति रूसिया
वारासिवनी
