वक्त के तमाचे से डरो तुम,
वक्त के छूटने से डरो तुम।
घड़ी का काटा कभी रुकता नहीं,
अपने रुक जाने से डरो तुम,
समय छूट जाए तो जीवन बर्बाद हो जाएगा,
उसको लपकने की सारी कोशिश करो तुम,
समय की रफ्तार सबसे तेज है,
उसके दौड़ जाने से डरो तुम,
वक्त के साथ रहे तो करोगे “राज”
पर, वक्त के दाव पेंच से डरो तुम।
-प्रणव राज
कैमूर (बिहार)
