कभी – कभी सुनहरे अतीत से भी प्यार कर लेना चाहिए ,
अपने सच्चे रिश्ते ,प्यारे दोस्तों को याद कर लेना चाहिए ,
जब मन दुखी हो या फिर जिंदगी में परेशानी आएं तो ,
अतीत के पल से ही अपने को खुश कर लेना चाहिए ।
दिल में दबी अनगिनत ख्वाहिशों को हवा देना चाहिए ,
जब मिले मौका उस ख्वाहिशों को पूरा कर लेना चाहिए ,
जानते हो ना बीते पल कभी लौट कर नहीं आते साथियों ,
इसलिए जो है आज का पल है आज ही जी लेना चाहिए ।
अपने किसी खास को याद कर चेहरे पर मुस्कान लाना चाहिए ,
कभी – कभी तो हमको बेवजह ही खुश हो जाना चाहिए ,
” रमा ” शब्द छोटे हों भले ,मगर भाव गहरे होने चाहिए ,
मन में आएं भाव से हर थकान,मुश्किल दूर होना चाहिए।
रमा ” प्रेम – शांति “
प्रकृति – प्रेमी
