इतना मुश्किल भी नहीं
तुम्हारे बगैर जीना
बस दिल की किताब के
उस पन्ने को ही तो
फाड़ कर फेंक देना है
जिस पर तुम्हारा नाम
लिखा था।
सांसे तो फिर भी चलेंगी
हम फिर से लौट आयेंगे
अपनी उसी दुनिया में
जहाँ सिर्फ हम होंगे
सिर्फ हम…..
वहां न तुम होगे और
न तुम्हारी यादें।
सुना तुमने
हम सीख लेंगे
तुम्हारे बगैर जीना ….।
-ज़मीला खातून
झांसी उत्तर प्रदेश
