सोना

“सोना – कनक – स्वर्ण”

सोना हर नारी के श्रंगार का होता है आधार,
सोने के संग फैल रहा है भारत का व्यापार।

सोना नहीं किसी काम का गर है इसमें खोट,
सोना बराबर का रख के सरकार छापती नोट।

सोने का जीवन में होता है बहुत उपयोग,
शादी के संस्कार में सब करते इसका जोग।

सोने का खोना या पाना देता दुष्परिणाम,
मतलब की है बात ये मान सके तो मान।

सोना जोड़ जोड़ कर रखिए अपने पास,
बुरे वक्त काम आएगा रखिए यह विश्वास।

आज सृजन के विषय में कनक,स्वर्ण और सोना,
कलम सभी की उगलेगी तरह तरह से सोना।

-राकेश नमित

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