आत्मिक प्रेम
स्पर्श मन का
कोई संबंध नहीं
इससे तन का,
प्रेम के दरिया में
डूबेगा जिस्म उसी का
जिसने महसूस किया है
अहसास सिहरन का,
कोसों दूर बैठकर
लगे पास बैठा है
मन हर पल खुश है
चाहे वो रूठा है,
दिल में रह रहकर
उसके ख्याल आते हैं
प्यार के सुंदर लम्हे
मन को सहलाते हैं,
पल पल में दिल पगला
उस ओर दौड़ जाता है
वो और उसकी यादों में
संसार नज़र आता है।
-आरती शर्मा
