बिन तेरे क्या जीना है
तेरे खुशियाँ में जीना है
तेरे गमों के साथ चलना है
उम्मीद है तो जीवन है||
आशा की डोर बंधी है
विश्वास की ओर बंधी है
तेरे प्यार में जीना है
उम्मीद है तो जीवन है||
आस का दीप जलाती है
आस्था को जगाती है
दीप की लौ ना बुझने देना
उम्मीद है तो जीवन है||
-ऊषा नौगरहिया
कटनी
