जब से थाम लिया है हाथ तेरा

थाम लिया है जबसे हाथ तुम्हारा,
बदल गया है जीने का अंदाज़ हमारा!
बेफ़िक्रों सी जी रहे हैं ज़िन्दगी,
पाया है जबसे जीवन में साथ तुम्हारा!
सुख दुख दोनों मिल कर सह लिए,
क्योंकि साथ खड़े थे तुम सदा !
वक़्त ने करवट भी ली कभी तो क्या,
डगमगाए नहीं कदम हमारे क्योंकि साथ था तुम्हारा!
हर वक़्त हर घड़ी थाम रखा था तुमने हाथ हमारा,
हर मुश्किल में भी इसलिए जीना आसान था हमारा!
सात जन्मों का साथ है हमारा तुम्हारा,
छूटे न ये साथ बँधा रहे प्यार की डोर से जीवन हमारा!
सजा रहे माँग में सिंदूर, माथे पे बिंदी,
खनकती रहे चूड़ियाँ, अटल रहे सुहाग मेरा,
जब से थाम लिया है हाथ तेरा,
दुख में भी सुख और ग़म में ख़ुश रहना सीख लिया,
कितना प्यारा सा साथ है हमारा,
जन्मों जन्म निभाना है बिना किसी शर्त,
प्यारा सा बंधन है हमारा और तुम्हारा,
तुम्हारी बाहों में सिमटी है दुनिया मेरी,
तुमसे ही शुरू तुमपे ही खत्म है जिंदगी,
महफ़ूज़ हूँ तुम्हारा साथ पाकर,
हर सफ़र है सुहाना साथ तुम्हारे,
हर मंजिल लगता है जैसे करीब है,
न कोई मुश्किल है राहों में हमारे तुम्हारे,
हर लम्हा जिया है तुम्हारे साथ,
थामा है ख़ुशी से मैंने तुम्हारा हाथ,
पाया है ईश्वर की कृपा से प्यारा सा तुम्हारा साथ,
खुश हूँ पाकर तुम्हें,
पग पग पर सँभाला है तुमने मुझे,
बस यूँ ही प्यार करते रहना मुझे,
नहीं ख्वाहिश किसी और चीज़ की,
बस रहना हर जन्म में ऐसे ही साथ मेरे,
34 वर्षों का सफ़र रहा सुहाना,
कुछ खट्टे कुछ मीठे पलों को बिताया साथ हमने,
हँसते हँसते कट गए ये साल,
थोड़ी नोंक झोंक थोड़ी हुई तकरार,
पर कम न हुआ एक दूसरे के लिए हमारा प्यार,
बस यूँ ही प्यार करते बीतेंगे दिन,
साथ हो तुम तो परवाह नहीं किसी की,
कामना है यही यूँ ही प्यार करते दिन बीते हज़ार!

-अदिति रूसिया
वारासिवनी

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