अब न खाऊँ पिज्जा-बर्गर की एक भी मैं बाइट,
सीमा बोली सबको सुन लो, मैं कर रही हूं डाइट।
सुबह-सुबह मैंने सलाद चबाया, गाजर, खीरा, टमाटर,
पर मन ही मन सोच रही थी, समोसे होते बेहतर!
दोपहर को दलिया देखा, दिल में उठी एक हूक,
मगर सामने आ गया, छोले-भटूरे का लुक!
शाम को आई फ्रूट कटोरी, उसमें सेव-अनार,
पर आया मुंह में पानी, जब देखा गुलाब जामुन तैयार!
डाइटिंग करना मुश्किल हुआ, सीमा गई है हार आज,
ज़ोर कोई न रहा फलों का, बेसन लड्डू का ही चला राज।
-रीति झा
