चाँद से तारों का पता पूछें।
यार से यारों का पता पूछें।
जान पहचान है भली उसके,
पास से सारों का पता पूछें।
आज यूँ रक्खें समझदारी हम,
मौज से धारों का पता पूछें।
चाह है जब यहाँ ठिकानों की,
पास दीवारों का पता पूछें।
और चीजों की हो खरीदी तो,
हाट ,बाजारों का पता पूछें।
-नवीन माथुर पंचोली
धार (मप्र)
