छुट्टियां हुई ख़त्म हमारी
अब स्कूल जाना है
संगी साथियों सहित
पढ़ाई में दिल लगाना है!
ना थको छोटी बहना
बस चंद कदम ओर है चलना,
वो देखो सामने है स्कूल
खूब मन लगा के पढ़ना,
तुम कहती थी
डाक्टर है बनना
बस तुम आपने सपनें को अब पूरा करना!
मैं तो पुलिस बनूंगा!
और छोटे तू?
मुझे तो इंजीनियर है बनना,
गांव की नदी पर पुल है बनाना!
और मेरे बीच के भाई
तू भी कुछ बोल,
राज अपने दिल का हमसे तो खोल,
मैं, मैं तो अध्यापक बनूंगा,
गांव का स्कूल बड़ा बना कालेज भी खोलूंगा,
कम पढ़े लिखे रह जाते हैं गांव के लोग,
उनके लिए काम करूंगा!
आ गया स्कूल
चलो करें अपने सपनों का हम श्रीगणेश
सबको बहुत बहुत शुभकामनाएं।
-नमिता दुबे मिशा
