ऐ बारिश
तेरे आने से
बचपन की याद आती है
छई छप्पा छई
खेल की मधुर स्मृति
फिर से दिल को
पूरी तरह गुदगुदाती है ।
ऐ झमाझम बारिश
तेरे आने से
धरती की प्यास
पूरी तरह बुझ जाती है
हर कली फूल बनकर
सारे जहां को महकाती है ।
ऐ बारिश
तेरे आने से
किसानों के चेहरे पर
मुस्कान पूरी आ जाती है
खेती पर निर्भर लोगों को
तुझसे खुशी मिल जाती है।
ऐ बारिश
तेरे आने से
स्कूल के दिनों की
जब याद आती है
भीग कर घर जाने की
खुशी फिर खुशी दे जाती है।
ऐ बारिश
तेरे आने से
चारों ओर हरियाली
और सबको ठंडक मिल जाती है
सभी पेड़-पौधों की सुंदरता
फिर कई गुना बढ़ जाती है।
ऐ बारिश
तेरे आने से
युवा-युवती के मिलन की
प्यास बढ़ जाती है
बारिश तू सबको भिगाकर
सब में प्रेम भर जाती है ।
ऐ बारिश
तेरे आने से
सबको अपने-अपने प्रिय की
याद आती है
“रमा” भी अपने प्रिय की
याद में फिर खो जाती है।
-रमा “प्रेम-शांति”
प्रकृति-प्रेमी
