“मुश्किलों को मुस्कुराकर आसान कर दें।”
“कर्मों से अपने एक जमीं आसमान कर दें।।”
१.
मुश्किल आवै द्वार पर, मत तू आँसू ढार।
हँसि के कर सत्कार तू, मुश्किल मानै हार।।
२.
रोवन से जग डूबता, हँस के होवे पार।
आँसू बोवै खार ही, हँसी उपावै सार।।
३.
पाँव कँटीला राह में, रोय-रोय क्या होय।
काँटे ही की सेज कर, चैनन निंदिया सोय।।
४.
दुख में दुखिया रोइया, दुख दूना हो जाय।
हँसि के सहै जो बीर नर, दुख भी सीस नवाय।।
५.
चाकी टूटी पीसती, भूखे को दे साज।
टूटा मन जो हँसि पड़ा, जग मां जीते आज।।
६.
केवल कहता सुन मना, सुन रे मन की बात।
जो हँसि के लाँघै जगत, वाही की दिन-रात।।
-आनंद पाण्डेय “केवल”
