तगड़ी तुमने जाँच की, सिस्टम था जब ठीक।
आख़िर फिर कैसे हुआ, पेपर ससुरा लीक?
पुनः जाल में फँस गई, कठिन परीक्षा नीट।
रोका बच्चों को मगर, किया तंत्र ने चीट।।
-चिराग़ जैन ‘चैतन्य’

तगड़ी तुमने जाँच की, सिस्टम था जब ठीक।
आख़िर फिर कैसे हुआ, पेपर ससुरा लीक?
पुनः जाल में फँस गई, कठिन परीक्षा नीट।
रोका बच्चों को मगर, किया तंत्र ने चीट।।
-चिराग़ जैन ‘चैतन्य’
Copyright © 2026 Antra Shabd Shakti. All Rights Reserved. Powered by WebCoodee