किसी शायर का ख़्वाब हो तुम,
किसी आशिक़ के दिल का राज़ हो तुम।
किसी की कहानी का एक हिस्सा हो तुम,
और किसी की पूरी कहानी हो तुम।
किसी का सुकून हो तुम,
तो किसी का ख़ूबसूरत वहम हो तुम।
किसी का घर हो तुम,
और किसी की दुनिया, संसार, पूरी कायनात हो तुम।
-जाह्नवी मालेवार
